Posts

Showing posts with the label Andhra Pradesh

NK's Post

एमपी इलेक्शन: सर्वे की कोख से निकली लिस्ट

Image
  Kamal Nath is going out of way to prove he is not anti-Hindu MP Assembly Election Update: 14 October 2023 NK SINGH कमलनाथ के प्लान के मुताबिक काँग्रेस की लिस्ट इस दफा सर्वे-नाथ ने बनाई है। प्रदेश के नेताओं में आम तौर पर सहमति थी कि लिस्ट इस बार सर्वे के आधार पर बनेगी। पर क्या यह महज संयोग है कि यह लिस्ट राहुल गांधी के गेम-प्लान के मुताबिक भी है? वे अपनी पार्टी के क्षत्रपों के कार्टेल को ध्वस्त करना चाहते हैं, जो 10-15 एमएलए के बूते पर प्रदेश की पॉलिटिक्स चलाते हैं। सर्वे की कोख से निकली लिस्ट कमोबेश जीत की संभावना के आधार पर बनी है। एनपी प्रजापति जैसे अपवादों को छोड़कर कोई सप्राइज़ नहीं। बीजेपी की लिस्ट देखते हुए, काँग्रेस इस बार फूँक-फूक कर कदम रख रही थी। भाजपा उम्मीदवारों की पांचों लिस्ट 2018 के मुकाबले काफी बेहतर थी। नाम दिल्ली ने तय किए, प्रदेश के किसी भी नेता के प्रभाव से परे। चयन का आधार गुटबाजी नहीं, जीत की संभावना रही। इसलिए, दोनों तरफ के उम्मीदवारों का लाइन-अप देखकर लगता है, मुकाबला कांटे है। टिकट न मिलने से निराश नेताओं की बगावत का दौर शुरू हो गया है। यह हर चुनाव में होता...

तेलंगाना में रहने वाले हजारों लोग वोट देने आंध्र आये

Image
Jagan Mohan Reddy campaign at Guntur Thousands of voters travel from Telangana to Andhra for polling NK SINGH Vijayawada 11 April 2019 चुनाव आन्ध्र में हो रहे थे. पर लग रहा था जैसे पूरा तेलंगाना ही उठकर वहां वोट देने आ गया हो! तेलंगाना में रहने वाले लाखों मतदाता आंध्र विधान सभा की १७५ सीटों और लोक सभा की २५ सीटों के लिए आज हुए चुनाव में वोट देने के लिए पहुंचे.  तेलंगाना से आंध्र की सारी सड़कों पर दो दिनों से जाम लगा था. टोल नाकों पर मीलों लम्बी कतारें लगी थी. हैदराबाद/ सिकंदराबाद से तेलंगाना की तरफ रोजाना करीब ४० ट्रेनें चलती हैं. रेलवे ने पिछले दो दिनों में ३६ स्पेशल ट्रेनों की घोषणा की थी.  आन्ध्र प्रदेश रोड ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन ने भी किराया बढ़ा कर ५०० स्पेशल बसों का इंतजाम किया था. पेसेंजर की भारी भीड़ देखकर प्राइवेट बस वालों ने तो अपना किराया चार गुना बढा दिया था. “आंध्र के चुनाव में इस दफा लोगों की दिलचस्पी इस कदर थी कि तेलंगाना में रहने वाले लोग दो पहिया वाहनों पर सवार होकर भी यहाँ वोट देने पहुंचे,”   युवजन श्रमिक रैयत कांग्रेस के समर्थक क्र...

आंध्र में न मोदी फैक्टर, न राहुल फैक्टर, केवल तेलुगु फैक्टर

Image
Jagan Mohan Reddy Regional parties challenge national parties in Andhra NK SINGH Vijayawada 13 April 2019 पांच साल पहले हुए विभाजन के बाद से ही आंध्र में क्षेत्रीयता उफान पर है. राष्ट्रीय पार्टियाँ हाशिये पर पहुंच चुकी हैं. विभाजित आंध्र में बड़ी राजनीतिक ताकत के रूप में उभरी युवजन श्रमिक रैयत कांग्रेस के सुप्रीमो जगन मोहनरेड्डी कहते हैं: “यहाँ न मोदी फैक्टर है, न राहुल फैक्टर, यहाँ केवल तेलुगु फैक्टर है.”  सत्तारुढ़ तेलुगु देशम और मुख्य विपक्ष वाईएसआर कांग्रेस दोनों क्षेत्रीय भावनाओं के ज्वार पर सवार चुनाव जीतने की कोशिश कर रहे हैं. क्षेत्रीयता के उफान का सबसे बड़ा नुकसान कांग्रेस को हुआ है. पांच साल पहले तक आन्ध्र पर राज करने वाली कांग्रेस के पास अब न तो एक भी विधायक है और न ही   सांसद! “कांग्रेस यहाँ टोटल खल्लास है,”  अमरावती के कांग्रेस कार्यकर्त्ता रमेश कहते हैं. “लोग मानते हैं कि कांग्रेस ने ही आंध्र का बंटवारा किया और हमारा इतना नुक्सान किया,” विजयवाडा की एक मलिन बस्ती में रहने वाले श्रीमालू जोड़ते हैं. बीजेपी तो यहाँ कभी भी मजबूत नही...