NK's Post

Karanth's release ends Bhawans stupor

Image
NK SINGH Bharat Bhawan, the controversial "House of Arts" at Bhopal, has started limping back to normalcy with the release on bail of B.V. Karanth—the noted drama director who was recently arrested on the charge of attempted murder. The lake-side multi-arts complex, constructed with public funds and run by a private trust headed by the ruling Congress (1) leader, Mr Arjun Singh, became the centre of unsavoury public attention in the wake of the sensational Vibha-Karanth affair. Normal functioning of the cultural complex was disturbed and the Bharat Bhawan repertory, Rangmandal, was almost paralysed following the arrest of its director, Karanth, and the serious burn injuries sustained by the leading actress of the troupe, Vibha Mishra. Over the last month, little had happened in Bharat Bhawan apart from two minor programmes and a campaign launched to defend the institution against public criticism. Now with Karanth back in action, Bharat Bhawan is restarting its cultural activ...

राजनीति में धन्ना सेठों को देखना है तो तेलंगाना पधारें

Dainik Bhaskar 10 April 2019

Money power in Telangana politics

NK SINGH
हैदराबाद: चेवेल्ला लोक सभा क्षेत्र के छोटे से कस्बे तुक्कुगुडा में हो रहे उस भव्य समारोह को देखकर लगता ही नहीं था कि हम किसी चुनावी सभा में आये हों.
बैठक एक शादी गार्डन में है. उत्सवी माहौल है. चारों तरफ लजीज खाने की सुगंध फैली है. बड़े-बड़े कूलरों से हाल को ठंढा किया जा रहा है. लोगों को पानी की बोतल और छांछ पेश की जा रही है.
बगल के डाइनिंग हॉल में खाने की मेजें सजी हैं. “खाना खाकर ही जाने का, चिकन और मटन दोनों है,” तेलंगाना राष्ट्र समिति के कार्यकर्त्ता श्रीहरि आग्रह करते हैं. चुनावी सभा में खाना? “इदर इलेक्शन मीटिंग में चिकन तो होना ही,” वे बताते हैं.
चुनाव आयोग अपना गुना-भाग करते रहे, पर ऐसे दृश्य तेलंगाना में आम हैं.
चेवेल्ला से टीआरएस उम्मीदवार जी रंजीत रेड्डी १५०० करोड़ की सालाना रेवेन्यु वाली एक कम्पनी के मालिक हैं. उनकी और उनकी पत्नी की सालाना आमदनी ३३ करोड़ रूपये है.
पर उनके सामने खड़े कांग्रेस के कोंडा विशेश्वर राव देश के सबसे धनी नेताओं में शुमार हैं. उनके पास ९५५ करोड़ की संपत्ति है. वे अपोलो अस्पतालों के मालिक प्रताप रेड्डी के दामाद हैं.
सात करोड़ की सालाना आमदनी और महज ७५ करोड़ की संपत्ति के मालिक भाजपा उम्मीदवार बी जनार्दन रेड्डी इन दोनों के सामने कहीं नहीं टिकते.
अगर आप २,००० करोड़ के कारोबार के सम्राट हों, और तपती दोपहरी में अपनी बीएमडब्लू या मर्सिडीज़ से निकल कर गली-गली घूमकर धूल भरी सड़कों की खाक छान रहे हों, बच्चों की बहती नाक पोंछ रहे हों और उन लड़के-लड़कियों के साथ सेल्फी खिंचवा रहे हों, जिनको आपके कॉर्पोरेट दफ्तर में दरबान बाहर से ही हकाल देता हो, तो यकीन मानिये आप तेलंगाना में हैं.
तेलंगाना चुनाव की खासियत है कि सारे राजनीतिक दलों ने, खासकर सत्तारुढ़ टीआरएस, ने चुन-चुन कर धन्ना सेठों को मैदान में उतारा है.
यहाँ चुनाव लड़ना खर्चीला है. जानकर बताते हैं खीसे में कम से कम ७० करोड़ हो तभी आप लोक सभा चुनाव लड़ सकते हैं.
भाजपा के एक नेता कहते हैं: “एक पैकेट में दो हज़ार रूपये के नोट के साथ बिरयानी और शराब की बोतल – पूरी बोतल, अद्धा नहीं चलता, और वह भी अच्छे ब्रांड की — देने का चलन है.”
तेलंगाना के चुनावों में ब्लैक मनी के बढ़ते प्रभाव का अंदाज़ इसी बात से लगाया जा सकता हैं कि २०१४ के चुनाव में पूरे देश में ३०४ करोड़ रूपये जब्त किये गए थे. तीन महीने पहले अकेले तेलंगाना विधान सभा चुनाव में ११५ करोड़ रूपये की नगदी पकडाई!
टीआरएस के १६ में से ५ लोक सभा उम्मीदवार एकदम नौसिखिये हैं. टीआरएस पालिट ब्यूरो के सदस्य के केशव राव स्वीकार करते हैं: “ये पांच कैंडिडेट ऐसे हैं जिन्होंने आज तक पार्टी दफ्तर का मुंह भी  नहीं देखा है.”
पर पाँचों — के नरसिम्हा रेड्डी (नलगोंडा), के रंजीत रेड्डी (चेवेल्ला), केटी साईं किरण (सिकंदराबाद), केएम राजशेखर रेड्डी (मल्काजगिरी) और केएम श्रीनिवास रेड्डी (महबूबनगर) – पानी की तरह पैसा बहाने की कूबत रखते हैं.
ये धन्ना सेठ जीतने के लिए सब तरह के पापड़ बेल रहे हैं.
राजशेखर रेड्डी प्रचार के दौरान  मिर्चीभाजी तलते नजर आये. उनके सामने खड़े बीजेपी उम्मीदवार एडवोकेट रामचंद्र राव कहते हैं: “इस पाँचों की एकमात्र योग्यता पैसा है.”
पर ऐसे उम्मीदवारों की बाढ़ से मतदाता गदगद हैं. “हमारे इदर अपोलो वाला रेड्डी इलेक्शन लड़ता, बोत पैसे वाला, उसका पास ९०० करोड़ होता.”
मैली-कुचैली लुंगी बांधे मिर्ज़ागुडा के किसान पिंटू सिंह इस भाव से बताते हैं जैसे सारे पैसे उनके खाते में ट्रान्सफर होने वाले हों!

Dainik Bhaskar 10 April 2019

Comments